तेजी से जकड़ रहा है कोलन कैंसर, कैसे बचें इसके जोखिम से

कोलोरेक्टल कैंसर यानी बड़ी आंत का कैंसर दुनिया में तीसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है और प्रत्येक वर्ष इसके 14 लाख नए मामले सामने आते हैं, जबकि इसी अवधि में यह कैंसर 6.94 लाख लोगों की जान ले लेता है। भारत में भी इस तरह के कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। करीब 30 फीसदी यानी प्रति तीन कोलोरेक्टल कैंसर मरीजों में एक में इस बीमारी का केंद्र मलाशय में होता है। जानते हैं, क्या हैं कारण।

बदलती जीवनशैली, वसायुक्त भोजन का सेवन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अनुसार,  इस कैंसर के व्यापक रूप से पैलने के पीछे बदलती आधुनिक जीवनशैली और हानिकारक आहार का व्यापक सेवन जिम्मेदार हैं। आजकल के भोजन में कम रेशे और अधिक वसा मौजूद है, जिस वजह से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा और बढ़ जाता है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, "अब यह बीमारी केवल बड़े लोगों तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह अब बच्चों में भी मिलने लगी है। इसके मुख्य कारण हैं, एक ही जगह बैठे रहना, डेस्क जॉब, अस्वास्थ्यकर भोजन आदि।" उनके अनुसार, इस बारे में अधिक जागरुकता न होने के कारण, करीब 40 से 50 प्रतिशत मामले ही सामने आ पाते हैं, वो भी तब जब कैंसर अंतिम चरण में पहुंच चुका होता है।

रेशेदार भोजन है पाचन तंत्र के अनुकूल
डॉ अग्रवाल के अनुसार, "भारत का मूल आहार रेशेदार हुआ करता था, जो पाचन तंत्र के अनुकूल होता था लेकिन आजकल भारतीय भी पश्चिमी देशों के आहार से अधिक प्रभावित हैं, जिनमें प्रिजर्वेटिव अधिक होते हैं और रेशे कम होते हैं। इससे न सिर्फ कोलन कैंसर, बल्कि अन्य कई रोगों का खतरा भी पैदा होता है। जागरुकता नहीं है, जिस कारण लोग मलाशय से रक्त स्राव, कब्ज और डायरिया दो दिन से अधिक रहे तो उसे कुछ अन्य रोग समझ बैठते हैं। इससे कैंसर की जांच में विलंब होता जाता है।"

क्या हैं लक्षण
- दो सप्ताह से अधिक रहने वाला डायरिया या कब्ज रहना।
- मल में रक्त या चिकनाई दिखाई देना और मलत्याग में कठिनाई।
- रक्ताल्पता (एनीमिया),, पेट में सूजन या निरंतर दर्द या असहज महसूस होना।
- अचानक वजन में कमी होते जाना, बहुत अधिक थकान, चक्कर आना या उल्टी करने की इच्छा होना।
 
कैसे कम करें जोखिम को
- फल, सब्जियां और संपूर्ण अनाज का सेवन करें।
- मदिरापान कम करें और महिलाओं के लिए प्रतिदिन एक पैग और पुरुषों के लिए दो पैग की सीमा निर्धारित करें।
- धूम्रपान करते हों तो बंद कर दें।
- प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम अवश्य करें।
- वजन पर नियंत्रण रखें. और संतुलित आहार करें।