कैसे दूर करें, शरीर के सबसे महत्वपूर्ण विटामिन की कमी

आज से अधिक नहीं, दो-तीन पीढ़ी पहले शरीर में विटामिन डी की कमी नहीं पाई जाती है, लेकिन आज विटामिन डी की कमी आम हो गई है। ज्यादातर लोगों में विटामिन डी की कमी पाई जाती है और इसका मुख्य कारण है वर्तमान जीवनशैली।  सूर्य की किरणें विटामिन डी का बेहतरीन स्त्रोत हैं, लेकिन यह तो हम जानते ही हैं कि पहले की तुलना में आज निश्चित ही कम लोग ही धूप की किरणों का पर्याप्त आनंद ले पाते हैं।  यहां तक कि वे व्यायाम भी एसी युक्त जिम में करते हैं और सूर्य की प्राकृतिक किरणों से वंचित रहते हैं।

आइए जानते हैं कि विटामिन डी के शरीर के लिए क्या महत्व है, कमी के लक्षण क्या हैं और कैसे इस कमी को पूरा किया जा सकता है।

क्या हैं लक्षण, सनशाइन विटामिन की कमी के

विटामिन डी हमारे शरीर के लिए सबसे आवश्यक विटामिन में से एक है। इसे सनशाइन विटामिन के नाम से भी जानते हैं। यदि आपकी हड्डियों, मांसपेशियों में दर्द या खिंचाव है, सिर पर अधिक पसीना आता है, थकान, कमरदर्द, हाई ब्लडप्रेशर, नींद की कमी है, वजन अनावश्यक बढ़ रहा है, तो समझ लें कि आपको विटामिन डी की आवश्यकता है। ये सभी विटामिन डी की कमी के लक्षण हैं।

कैसे करें आपूर्ति

सूर्य की किरणें - सूर्य की किरणें विटामिन डी की प्राकृतिक और सबसे बेहतर स्त्रोत है। सूर्योदय के समय, खुले बदन, सूर्य की किरणों के नीचे खड़े रहने से शरीर को विटामिन डी प्राप्त होता है।  हालांकि काली त्वचा वाले व्यक्तियों को सूर्य की किरणों से विटामिन डी प्राप्त करने में अधिक समय लगता है। हाथ या पैर की तुलना में पीठ पर सूर्य कि किरणों को केंद्रित रखने से अधिक लाभ होता है।

डाइटडेरी उत्पाद, जैसे कि दूध, पनीर, मशरूम, अंडा, मछली आदि भी विटामिन डी के बेहतर स्त्रोत हैं।

दवा – विटामिन डी युक्त कई गोलियां बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन इन्हें डॉक्टर से सलाह के पश्चात ही लेना चाहिए। गोली लेने के आधे घंटे पश्चात तक, कुछ भी खाना पीना नहीं है। कौन सी गोली आपकी आवश्यकता के हिसाब से ठीक रहेगी, कितनी क्षमता की गोली की आवश्यकता है, यह डॉक्टर से सलाह के पशचात ही तय होगा।