केवल सब्जी ही नहीं है भिंडी, यह कई रोगों का भी करती है इलाज

भिंडी काफी लोकप्रिय सब्जी है, लेकिन कम ही लोग इसके स्वास्थ्य संबंधी फायदों के बारे में जानते हैं। यह एकमात्र ऐसी सब्जी है, जो कि कई रोगों में कारगर है। यह एक अत्यंत पौष्टिक सब्जी है और पकाने पर भी इसका विटामिन ‘ ए ‘ नष्ट नही होता है। भिंडी आयरन तथा खनिज लवण का जाना-माना स्त्रोत है और इसमें प्रोटीन बहुत अच्छी मात्रा में होता है। भिंडी में प्रोटीन, वसा, रेशा, कार्बोहाइट्रेड, कैल्शियम, फास्‍फोरस, लौह मैग्‍नीशियम, पोटैशियम, सोडियम और तांबा बहुतायत में पाया जाता है।
तो आइए जानते हैं क्या हैं भिंडी खाने के लाभ।   

दिल के लिए फायदेमंद – भिंडी में पैक्टिन तत्त्व की उपस्थिति कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है। इसका घुलनशील फाइबर रक्तसंचार दुरुस्त करने में सहायक है। इन कारणों से भिंडी ह्र्दय को स्वस्थ रखती है।

दिमाग को करती है शार्प - फॉलेट और विटामिन-बी9 भी दो ऐसे पोषक तत्त्व हैं जो भिंडी में मुख्य रूप से मौजूद होते हैं। ये दिमाग की कोशिकाओं को अंदरुनी रूप से मजबूती देते हैं जिससे इनकी सक्रियता बनाए रखने में मदद मिलती है।

मधुमेह में लाभदायक – भिंडी में पाया जाने वाला यूगेनॉल तत्त्व शरीर में शर्करा के स्तर को बढऩे से रोकता है जिससे डायबिटीज का खतरा कम होता है।

दुर्बलता करे दूर - भिंडी रोज खाने से दुर्बल और कमजोर व्यक्ति का शरीर भी पुष्ट और मोटा होने लगता है।

बल-वीर्य वृध्दि  - प्रतिदिन सुबह -शाम १५-२० कोमल व नरम भिंडी खाने से मर्दाना कमजोरी दूर होकर वीर्य बढ़ने में मदद मिलती है। इसके सेवन से शुक्राणु वृध्दि होती है।

कोलन कैंसर करे दूर - भिंडी आंतों में मौजूद विषैले तत्‍वों को दूर करने का काम करती है। इससे आंतें पहले से बेहतर और प्रभावी तरीके से काम करती हैं। इस कारण कोलन कैंसर का खतरा कम हो जाता है।

रक्त की कमी से बचाये - भिंडी में मौजूद आयरन तत्‍व हमारे शरीर के लिए काफी लाभकारी होते हैं। यह रक्‍त में हीमोग्‍लोबिन का निर्माण करते हैं, जिससे आप एनीमिया से बचे रहते हैं।

बालों के‍ लिए फायदेमंद – भिंडी आपके बालों को लंबे समय तक काला और घना बनाये रखती है। साथ ही यह बालों की रूसी को भी दूर रखती है।

लेकिन रखें सावधानी
भिंडी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक तो है ही, लेकिन याद रखें कि भिंडी में ओजलेट अत्यधि‍क मात्रा में पाया जाता है, जो गुर्दे और पित्त में पथरी या स्टोन के खतरे को बढ़ा देता है। यही नहीं यह पहले से मौजूद स्टोन को बढ़ा देती है।