अनेकों रोगों, विकारों का इलाज करता है नाशपाती

नाशपाती की आजकल बाजार में बहार है। अनेकों रोगों, विकारों का इलाज करने वाला नाशपाती अम्लीय फल है, जो कि आयरन, विटामिन ए और सी से भरपूर है। यह पौष्टिक और गुणकारी होने के साथ-साथ स्वादिष्ट भी होता है। भारत में नाशपाती की पैदावार आमतौर पर हिमाचल प्रदेश और कश्मीर में होती है, जहां से इसे पूरे देश में सप्लाई किया जाता है।

एक मध्यम आकार का नाशपाती 24 फीसदी फाइबर देता है। यह एकमात्र ऐसा फल है जो कि न केवल सोडियम बल्कि कोलेस्ट्रॉल और वसा रहित भी है।

नाशपाती के लाभ
- आयुर्वेद के अनुसार, नाशपाती का सेवन वात, पित्त और कफ के दोषों को दूर करता है।
- यह मस्तिष्क को शक्ति देने वाला है।
- बच्चों की स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक है।
- बच्चों के शारीरिक विकास में मददगार।
- लीवर को बनाए मजबूत और शक्तिशाली।

नाशपाती का जूस भी है फलदायक
नाशपाती या फिर इसका जूस पीने से आपको कई तरह के लाभ होते हैं। दस्त, पेचिश, मूत्रावरोध आदि दिक्कतों में 150 से 200 ग्राम नाशपाती का रस सुबह-शाम पीने से आराम मिलता है। यदि आपको अधिक प्यास लगती है तो नाशपाती के रस में काला जीरा और काला नमक डालकर पिएं, शरीर में पानी की मौजूदगी बनी रहेगी और अधिक प्यास लगने की समस्या दूर होती है। एनीमिया जैसी समस्या में भी नाशपाती फायदा पहुंचाता है। यह आयरन का प्रमुख स्त्रोत है, जो कि हेमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है।

इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है
एंटीऑक्सीडेंट गुण और विटामिन सी की बहुतायत होने की वजह से नाशपानी आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है। यह आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉहल को कम करता है, जिससे ह्र्दय स्वस्थ रहता है। यही नहीं प्रतिदिन नाशपाती के सेवन से वीर्य में बढ़ोत्तरी होती है साथ ही यह हड्डियों के लिए भी फायदेमंद है। यह पाचन शक्ति को भी मजबूत बनाता है. जिससे कब्ज की समस्या का निदान होता है।