शीघ्रपतन रोकने के लिए सबसे असरकारक उपाय है यह नेचुरल वियाग्रा

शीघ्रपतन, स्वप्नदोष, यौन दुर्बलता और कम शुक्राणु सहित इसी तरह के अन्य रोगों का सबसे प्रभावी इलाज कौंच के बीजों से हो सकता है। आयुर्वेद में भी इसका बखान करते हुए कहा गया है कि सेक्सुअल समस्याओं से निजात पाने का यह सबसे प्रभावी और असरकारक उपाय है। केवांच बीज के नाम से भी पहचाने जाने वाला कौंच बीज न केवल वीर्य बढ़ाने वाला है बल्कि पुष्टिकारक, बलदायक और कफ़-पित्त नाशक भी है। यह सेक्स प्रक्रिया की समयावधि को भी बढ़ाता है।

प्राकृतिक वियाग्रा हैं कौंच के बीज
आयुर्वेदाचार्यो के अनुसार, यह वियाग्रा की तरह काम करता है और इस प्राकृतिक वियाग्रा का कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं है। कौंच लता जाति की वनस्पति है जो वर्षांत में उत्पन्न होती है। यह गांव के बाहर बागों एवं जंगलों में किसी झाड़ी या वृक्ष पर फैली हुई होती है। प्रत्येक फली में 5 से 6  काले चमकीले रंग के बीज होते है। पौधे के सभी भागों में औषधीय गुण होते हैं। इस की पत्तियों, बीजों व शाखाओं का इस्तेमाल दवा के तौर पर किया जाता है।

शुद्ध किया जाना आवश्यक
कौंच के बीज को इस्तेमाल से पहले शुद्ध किया जाना आवश्यक है। कौंच बीज को दूध में उबाल ले, जब अच्छी तरह से उबाल जाये तो इसे धोकर इसका छिल्का हटा दें. इसके बाद सुखा कर कूट पिस कर पाउडर बना लें।

इस्तेमाल करने का तरीका

- 5 ग्राम कौंच बीज पाउडर एक ग्लास मिश्री मिले हुवे दूध से सुबह शाम लें।

- कौंच बीज पाउडर, सफ़ेदमूसली पाउडर और असगंध पाउडर तीनों बराबर मात्रा में लेकर अच्छी मिक्स कर रख लें।

- एक-एक चम्मच सुबह शाम मिश्री मिले हलके गर्म दूध से भी ले सकते हैं।

- कौंच बीज से कौंच पाक जैसी आयुर्वेदिक औषधि बनाई जाती है, जिसका भी उपयोग किया जा सकता है।

और क्या उपयोग हैं कौंच के बीज के

- ज्यादातर कौंच का इस्तेमाल लंबे समय तक सेक्स पॉवर बरकरार रखने के लिए किया जाता है।

- मांसपेशियों में खिंचाव से निजात पाने के लिए भी कौंच का इस्तेमाल उपयुक्त है।

- मेमोरी पॉवर बढ़ाने में भी प्रभावी हैं कौंच के बीज।

- वजन बढ़ाने में भी कौंच का इस्तेमाल कारगर है।

- गैस, दस्त, खांसी, गठिया दर्द, मधुमेह, टीबी व मासिकधर्म की तकलीफों के इलाज के लिए भी कौंच के बीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

शीघ्रपतन रोकने का अन्य उपाय

शीघ्रपतन से छुटकारा पाने के लिए एक बहुत ही गुणकारी मिश्रण है। छुआरा, संख्या में करीब  5 या 6 लेकर उसके बीच में हलका चीरा  लगा कर गुठली निकाल लें। फिर हर खारक में 3 या  4 केसर की पत्तियां डालकर उपर से धागे से बंद कर दें।  अब करीब आधा लीटर दूध लेकर खारक को उसमें धीमी आँच पर, तब तक उबालें, जबतक कि दूध की मात्रा आधी न रह जाए। इसके बाद प्रत्येक खारक से धागा निकलकर उसे खूब चबा चबा कर खाएं। बचा दूध उपर से पी लें। रोज रात को सोने से पहले ऐसा करने से लाभ होगा।

और क्या करें, क्या न करें

- जल्दबाजी से बचें और संयम रखें और मन को मजबूत बनायें।

- गति परिवर्तन करें और सेक्स क्रिया के दौरान विराम लेते रहें।

- सेक्स प्रक्रिया के दौरान गहरी साँस लें।

- संतुलित आहार लें।

- स्वयं को तनावमुक्त रखें।

- किसी भी प्रकार का नशा शराब, अफीम, स्मोकिंग, पान मसाला, गुटखा, तम्बाकू सेवन न करें।